Saturday, April 11, 2015

भारत के 7 सबसे खूबसूरत गुरुद्वारे !!!

वैसे भारत में बहुत से धर्म पाये जाते हैं| भारत धर्मों के देश के तौर पर पहचाना जाता है| हर धर्म में कुछ न कुछ ख़ास बात होती है जो उसकी पहचान होती है| कुछ इसी प्रकार गरुद्वारों का भी क़िस्सा है| हिंदुस्तान में बहुत से ख़ूबसूरत और पुरकशिश गरुद्वारे हैं जिन्हें देखना और और वहां पर जाना एक अच्छा अनुभव साबित हो सकता है| अगर आप वाक़ई गरुद्वारों का सैर करना चाहते हैं तो इन सात गुरुद्वारों को देखना न भूलें| 15वीं सदी में भारत में, बहादुरी, उदारता और समानता पर आधारित एक धर्म उभर कर सामने आया जिसको सिख धर्म कहते हैं| गरुद्वारे का संबंध इसी धर्म से है| शब्द गुरुद्वाराका मतलब होता है गुरू तक पहुँचने का द्वार| गुरुद्वारों में गुरू ग्रन्थ साहिब जीकी पूजा की जाती है| सिखों में ऐसा माना जाता है कि गुरू मोक्षप्राप्ति में हमारी मदद करते हैं|सिख धर्म दुनिया का 4था सबसे बड़ा धर्म है. भारत में कुल 200 से ज़्यादा गुरुद्वारे हैं| लेकिन उन में से 7 ऐसे खूबसूरत गरुद्वारों के बारे में आप को बताएँगे जहाँ घूमने के बाद आप मेरी हाँ में हाँ ज़रूर मिलायेंगे|

 1. गुरुद्वारा हरमिंदर साहिब सिंह, पंजाब
गुरुद्वारा हरमिंदर साहिब सिंहको श्री दरबार साहिबऔर स्वर्ण मंदिरभी कहते हैं|गुरुद्वारे को बचाने के लिए महाराजा रणजीत सिंह जी ने गुरुद्वारे का ऊपरी हिस्सा सोने से ढँक दिया| इसलिए इसे स्वर्ण मंदिर का नाम भी दिया गया है| यह अमृतसर, पंजाब में स्थित है|
2. गुरुद्वारा श्री हेमकुन्ट साहिब, उत्तराखंड
गुरुद्वारा श्री हेमकुन्ट साहिब उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित है|  यह गुरुद्वारा समुद्र स्तर से 4000 मीटर की ऊंचाई पर है| यह गुरुद्वारा अक्टूबर से लेकर अप्रैल तक बंद रहता है| श्री हेमकुन्ट साहिब अपनी वास्तु कला के लिए काफी प्रसिद्ध है|
3. गुरुद्वारा श्री केस्घर साहिब, पंजाब


गुरुद्वारा श्री केश्घर साहिब, पंजाब के आनंदपुर शहर में स्थित है| आनंदपुर शहर सिखों के 9वे गुरू तेग बहादुर जी ने स्थापित किया था| यह गुरुद्वारा 5 तख्तों में से एक है और इसलिए इस गुरुद्वारे की एहमियत और भी ज़्यादा है|
4. तखत सचखंड श्री हजूर साहिब अब्चालनगर साहिब गुरुद्वारा, महाराष्ट्र
यह गुरुद्वारा भी 5 तख्तों में से एक है| श्री हजूर साहिब महाराष्ट्र के नांदेड में स्थित है| ऐसा कहते हैं की यह वह जगह है जहां गुरू गोबिंद सिंह जी ने अपनी आखिरी सांस ली थी|महाराज रणजीत सिंह जी ने सन 1832 में इस गुरुद्वारे को बनवाया|

5. गुरुद्वारा मंडी, हिमाचल प्रदेश

गुरुद्वारे का नाम गुरुद्वारा गुरु गोबिंद सिंह जी है| यह हिमाचल प्रदेश के मंडी में स्थित है| यह गुरुद्वारा, गुरू गोबिंद सिंह जी द्वारा मंडी के राजा को दिए गए आश्वासन का प्रतीक है| इस गुरुद्वारे को सिख सम्प्रदाय में काफी मान्यता प्राप्त है|


6. गुरुद्वारा बेर साहिब, पंजाब


इस गुरुद्वारे का नाम एक बेर के पेड़ पर से रखा गया है| ऐसा माना जाता है की एक बेर के पेड़ को, पहले गुरू, गुरू नानक जी के सामने बोया गया था| यह गुरुद्वारा पंजाब के करतारपुर में स्थित है|

7. गुरुद्वारा मणिकरण साहिब, हिमाचल प्रदेश

गुरुद्वारा मणिकरण साहिब मनाली के पहाड़ों के बीच स्थित है और इसलिए बहुत सुन्दर दृश्यों से घिरा हुआ है| ऐसा कहा जाता है कि यह पहली जगह है जहां गुरू नानक देव जी ने अपनी यात्रा के दौरान ध्यान लगाया| गुरू नानक देव जी ने यहाँ काफी चमत्कार किये हैं|

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