वैसे भारत में बहुत से धर्म पाये जाते हैं| भारत धर्मों के देश के तौर पर
पहचाना जाता है| हर धर्म में कुछ न कुछ ख़ास बात होती है जो उसकी पहचान होती है|
कुछ इसी प्रकार गरुद्वारों का भी क़िस्सा है| हिंदुस्तान में बहुत से ख़ूबसूरत और
पुरकशिश गरुद्वारे हैं जिन्हें देखना और और वहां पर जाना एक अच्छा अनुभव साबित हो
सकता है| अगर आप वाक़ई गरुद्वारों का सैर करना चाहते हैं तो इन सात गुरुद्वारों को
देखना न भूलें| 15वीं सदी में भारत में, बहादुरी, उदारता और समानता पर आधारित एक धर्म उभर कर
सामने आया जिसको ‘सिख धर्म’ कहते हैं|
गरुद्वारे का संबंध इसी धर्म से है| शब्द ‘गुरुद्वारा’ का मतलब होता है गुरू तक पहुँचने का द्वार| गुरुद्वारों में ‘गुरू ग्रन्थ साहिब जी’ की पूजा की जाती है| सिखों में ऐसा माना जाता
है कि गुरू मोक्षप्राप्ति में हमारी मदद करते हैं|सिख धर्म दुनिया का 4था सबसे बड़ा धर्म है. भारत में कुल 200 से ज़्यादा
गुरुद्वारे हैं| लेकिन उन में से 7 ऐसे खूबसूरत गरुद्वारों के बारे में आप को
बताएँगे जहाँ घूमने के बाद आप मेरी हाँ में हाँ ज़रूर मिलायेंगे|
1. गुरुद्वारा हरमिंदर साहिब सिंह, पंजाब
1. गुरुद्वारा हरमिंदर साहिब सिंह, पंजाब
‘गुरुद्वारा हरमिंदर साहिब सिंह’ को ‘श्री दरबार साहिब’ और ‘स्वर्ण मंदिर’ भी कहते हैं|गुरुद्वारे को बचाने के लिए महाराजा रणजीत सिंह जी ने गुरुद्वारे का ऊपरी हिस्सा
सोने से ढँक दिया| इसलिए इसे स्वर्ण मंदिर का नाम भी दिया गया है| यह अमृतसर, पंजाब में स्थित
है|
2. गुरुद्वारा श्री हेमकुन्ट साहिब, उत्तराखंड
गुरुद्वारा श्री
हेमकुन्ट साहिब उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित है| यह
गुरुद्वारा समुद्र स्तर से 4000 मीटर की ऊंचाई पर है| यह गुरुद्वारा
अक्टूबर से लेकर अप्रैल तक बंद रहता है| श्री हेमकुन्ट साहिब अपनी वास्तु कला के लिए
काफी प्रसिद्ध है|
3. गुरुद्वारा श्री केस्घर साहिब, पंजाब
गुरुद्वारा श्री
केश्घर साहिब, पंजाब के आनंदपुर शहर में स्थित है| आनंदपुर शहर सिखों के 9वे गुरू तेग
बहादुर जी ने स्थापित किया था| यह गुरुद्वारा 5 तख्तों में से एक है और इसलिए इस गुरुद्वारे की
एहमियत और भी ज़्यादा है|
4. तखत सचखंड श्री हजूर साहिब अब्चालनगर साहिब गुरुद्वारा, महाराष्ट्र
यह गुरुद्वारा भी
5 तख्तों में से एक
है| श्री हजूर साहिब
महाराष्ट्र के नांदेड में स्थित है| ऐसा कहते हैं की यह वह जगह है जहां गुरू गोबिंद
सिंह जी ने अपनी आखिरी सांस ली थी|महाराज रणजीत सिंह जी ने सन 1832 में इस
गुरुद्वारे को बनवाया|
गुरुद्वारे का नाम गुरुद्वारा गुरु गोबिंद सिंह जी है| यह हिमाचल प्रदेश के मंडी में स्थित है| यह गुरुद्वारा, गुरू गोबिंद सिंह जी द्वारा मंडी के राजा को दिए गए आश्वासन का प्रतीक है| इस गुरुद्वारे को सिख सम्प्रदाय में काफी मान्यता प्राप्त है|
5. गुरुद्वारा मंडी, हिमाचल प्रदेश
गुरुद्वारे का नाम गुरुद्वारा गुरु गोबिंद सिंह जी है| यह हिमाचल प्रदेश के मंडी में स्थित है| यह गुरुद्वारा, गुरू गोबिंद सिंह जी द्वारा मंडी के राजा को दिए गए आश्वासन का प्रतीक है| इस गुरुद्वारे को सिख सम्प्रदाय में काफी मान्यता प्राप्त है|
6. गुरुद्वारा
बेर साहिब, पंजाब
इस गुरुद्वारे का नाम एक बेर के पेड़ पर से रखा गया है| ऐसा
माना जाता है की एक बेर के पेड़ को, पहले
गुरू, गुरू
नानक जी के सामने बोया गया था| यह
गुरुद्वारा पंजाब के करतारपुर में स्थित है|
7. गुरुद्वारा मणिकरण साहिब, हिमाचल
प्रदेश
गुरुद्वारा मणिकरण साहिब मनाली के पहाड़ों
के बीच स्थित है और इसलिए बहुत सुन्दर दृश्यों से घिरा हुआ है| ऐसा कहा जाता है कि यह पहली जगह है जहां
गुरू नानक देव जी ने अपनी यात्रा के दौरान ध्यान लगाया| गुरू नानक देव जी ने यहाँ काफी चमत्कार
किये हैं|

























