Wednesday, April 8, 2015

देवताओं का घर नेपाल


दोस्तों, आज हम फिर आपको कहीं दूर नहीं, बल्कि हमारे देश के पड़ोसी राष्ट्र नेपाल की सैर पर ले जाएँगे। यहाँ ढेर सारे तीर्थस्थल हैं, इसी कारण इसे देवताओं का घर भी कहा जाता है। साथियों, क्या आपको यह अनोखीबात पता है कि नेपाल एकमात्र ऐसा देश है, जहाँ जाने के लिए आपको पासपोर्ट या वीजा की आवश्यकता नहीं है। ऐसा नेपाल और हमारे मित्रतापूर्ण संबंधों के कारण है। यहाँ देखने के लिए कई तीर्थस्थलों के साथ ही प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर जगहों की भी भरमार है। आइए, आपको इसके बारे में कुछ और बातें बताते हैं।



नेपाल का उत्तरी हिस्सा हिमालय पर्वतमाला से घिरा हुआ है। विश्व की दस सबसे ऊँची चोटियों में आठ नेपाल में है। दुनिया की सबसे ऊँची चाटी एवरेस्ट भी यहीं सीना ताने खड़ी है। इसे स्थानीय लोग "सागरमाथा" कहते हैं। यह नेपाल और चीन की सीमा पर स्थित है। इसके साथ ही यहाँ 20000 फुट तक की ऊँचाई वाली 240 चोटियाँ है।

खूबसूरत देश नेपाल दक्षिण एशिया की रंगत को निखारता है। इसका कुल क्षेत्रफल 147,181 वर्ग किलोमीटर है तथा इसकी जनसंख्या लगभग 30 मिलियन है। इसमें से 81 प्रतिशत लोग हिन्दू धर्मावलंबी हैं। हिन्दुओं का इतना अधिक प्रतिशत भारत में भी नहीं है। 

इस कारण नेपाल कुछ वर्षों पहले तक हिन्दू राष्ट्र कहलाता था, परंतु आज वहाँ हर धर्म को समान महत्व दिया जाने लगा है। नेपाल जनसंख्या के लिहाज से विश्व में 41वें स्थान पर आता है। नेपाल के उत्तर में तिब्बत (चीन) है तथा पूर्व, पश्चिम और दक्षिण दिशा में भारत स्थित है।


                                                           
रोमांचकारी    खेलों   का    आनंद

हिमालय की बर्फीली पहाड़ियों से घिरे नेपाल में प्रकृति की मनोहारी छटा दिखाई पड़ती है। इन प्राकृतिक स्थानों पर घूमने का मजा ही कुछ और है। इन बर्फीली वादियों में कई तरह के रोमाचंक खेलों का आयोजन विशेष रूप से पर्यटकों के लिए किया जाता है। यहाँ आप रॉक क्लाइंबिंग और स्कीइंग जैसे खेलों का मजा लेने के साथ-साथ रिवर राफ्टिंग और जंगल सफारी भी कर सकते हैं।


चलो   घूमें   नेपाल

नेपाल के उत्तर-पश्चिम में ककानी नामक स्थान है। यह छुट्टियॉं बिताने के लिए बेहद अच्छी और खूबसूरत जगह है। यहॉं से हिमालय की सुंदर पर्वत श्रृंखलाएँ दिखाई देती हैं। ककानी की ही तरह धुलीखेल में भी हिमालय की सुंदर वादियाँ मन मोह लेती हैं। 

उत्तर में पहाड़ और दक्षिण में विशाल झील से घिरा गोसरई कुंड भी बेहद आकर्षक पर्यटन स्थल है। गोसरई कुंड में सरस्वती भरव, सोर्य, गणेश कुंड जैसी नौ प्रसिद्घ झीलें हैं। रॉयल चितवन राष्ट्रीय उद्यान में आप नेपाल की विशाल प्राकृतिक संपदा देख सकते हैं। 

यह दक्षिण मध्य नेपाल में स्थित है। इसका क्षेत्रफल 932 वर्ग किमी है। इसकी अद्भुत पारिस्थितिकी को देखते हुए 1984 में यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर का दर्जा दिया। हिन्दुओं का सबसे प्राचीन और प्रमुख तीर्थस्थल पशुपतिनाथ भी काठमांडू से 5 किमी की दूरी पर ही स्थित है


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